स्वास्थ्य सेवा पर पड़ा संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल का असर, स्वास्थ्य केंन्द्रो में लटक रहा ताला
तेज खबर 24 रीवा।
रीवा में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल का बुरा असर स्वास्थ्य सेवा पर पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्रो मे ताला लगा हुआ है। रविवार को जिले मंे हुये एक घटना क्रम ने स्वास्थ्य विभाग मे चल रही मनमानियो की पोल खोल कर रख दी है। इतना ही नही विभाग की लापरवाही की बाली एक मासूम को चढ़ना पड़ा है बावजूद इसके जिम्मेदार मौन है।
जानकारी के मुताबिक मनगवां क्षेत्र के ग्राम लढ़ की रहने वाली ममता रावत पति सुखलाल रावत उम्र 30 वर्ष को रविवार को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने प्रसूता को अस्पताल ले जाने के लिये 108 एम्बुलेंस को फोन कर बुलाया। एम्बुलेंस प्रसूता को लेकर अस्पताल भी पहुंची लेकिन अस्पताल में ताला बंद होने की वजह से एम्बुलेंस में ही प्रसव कराना पड़ा जहां जन्मे नवजात की चंद मिनटों बाद ही मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि जब वह पहुंचे तो मनिकवार स्वास्थ्य केंद्र में ताला बंद था, जिसके चलते डिलेवरी 108 एंबुलेंस मे ही हो गई और प्रसव मे देरी के चलते जन्म लिए नवजात की मौत 20 मिनट बाद ही हो गई। इस घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया और आस.पास के ग्रामीण एकत्रित हो गए।
ग्रामीणों का कहना है की स्वास्थ केंद्र की यह हालत रविवार को ही नही बल्कि हर दिन रहती है। उनका कहना है कि डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ नाम के लिए ही यहाँ आते हैं ज्यादा तर यहाँ ताला बंद ही मिलता है। इधर कहा जा रहा है कि सभी कर्म चारी ताला बंद कर हड़ताल पर गए थे। हांलाकि लापरवाही किसकी है यह जांच का विषय है क्यूंकि यदि हड़ताल पर संविदा कर्मचारी गए तो रेगुलर स्टाफ को वहा मौजूद होना था। कारण चाहे जो भी हो लेकिन इस मामले में मासूम के धरती पर कदम रखने से पहले ही उसकी आंखें बंद हो गई है और इसे कोई भी अधिकारी जिम्मेदारी से नहीं ले रहा है। जबकि यह प्रशासन की लापरवाही का बड़ा मामला है।
Tezkhabar24.com Sach wahi jo ham dikhaye…

