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देश के बहुचर्चित ज्ञानवापी मामले में एएसआइ ने सोमवार को सीलबंद लिफाफे में वाराणसी कोर्ट में सर्वे रिपोर्ट पेश कर दी है। रिपोर्ट 1,500 से ज्यादा पेज की है। साथ ही 250 से ज्यादा साक्ष्य भी सौंपे हैं। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने रिपोर्ट सार्वजनिक करने और सभी पक्षों को रिपोर्ट की प्रतियां उपलब्ध कराने की अपील की, जिस पर मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति जताई। मुस्लिम पक्ष के वकील रईस अहमद अंसारी ने कहा कि रिपोर्ट को पब्लिक डोमेन में न लाया जाए। इस मामले में 21 दिसंबर को फिर सुनवाई होगी।
एएसआइ ने रिपोर्ट जमा कराने के लिए पहले तीन बार मोहलत मांगी थी। वाराणसी के वरिष्ठ अधिवक्ता नित्यानंद राय ने बताया कि चार अगस्त से दो नबम्बर, 2023 तक ज्ञानवापी में एएसआइ सर्वे का काम हुआ। एएसआइ ने वाराणसी जिला जज के 21 जुलाई के आदेशानुसार ज्ञानवापी परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया, ताकि निर्धारित किया जा सके कि मस्जिद का निर्माण हिंदू मंदिर की पहले से मौजूद संरचना पर किया गया था या नहीं।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को एएसआइ को “वजुखाना” क्षेत्र को छोड़कर ज्ञानवापी परिसर के सर्वेक्षण को रोकने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया था।
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